बुधवार, 22 नवंबर 2017

जाड़ आगे

जाड़ आगे

आगु के बात अलग रहिस हवय,
अभी के बेरा अलग हवय,
मिशनरी दुनिया म हवन
अब कुछु चिन्ता नई रहय
जाड़ आगे हवय....

गोरिस दिन रात जलत रहय
रतिया कुन खटिया के तीरे जलय
रजिया म घुसे रहय
आज घर म हीटर हवय
अउ पहली जईसन जाड़ नई होवय....

आगु ठन्डा म पैरा मिजावय
लईका मन बेलन में चढय 
थपा खेलय त लुका जवय पैरा म
गिल्ली ठंडा खेलय कोठार म

आगु घाम तपत मनखे मन बैठे रहय
आज के दिन म बैठे तो दूर बात नई करय
पहली जड़ा जवय त आगी तिरन बईठ जय
अब तो साल-सेटर के जमाना गय
सब आनी बानी के जैकेट पहिनथे...

घनवारा देखे ल नई मिलय
बड़े बड़े फैक्टरी होंगे हवय
दुसरईया फसल के अगोरा म किसान
गहु, सरसो, चना ल बने सहेजत हवय

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीसगढ़
दुर्ग साइंस कॉलेज में अध्ययनरत


गुरुवार, 2 नवंबर 2017

हमर राज के 17वा स्थापना दिवस...
कोनो राज ल महतारी के दरजा मिले हवय ओमा सिर्फ हमर छत्तीसगढ़ राज ल छत्तीसगढ़ महतारी के नाम ले जाने जात हवय, हमर राज ल बने अब 17 बरस होगे हवय 2 नवम्बर 2000 म बनिस हवय अउ हमार महतारी भाखा ल 29 नवम्बर के अपनाए गे हवय छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के गठन होए के बाद म हमर भाखा ल नवा दिशा मिलस हवय, अउ जन जन के भाखा हरय जेन छत्तीसगढ़ म निवास करत हवय सब पहली आखर छत्तीसगढ़ी के सुनथे। राज दिन ब दिन तरकी करत जात हवय, कोनो राज के गठन होय के बाद जेन राज विकास करसि हवय ओमा हमर राज पीछे नई हवय हमेशा आगे हवय, लोग दिन के दिन बुद्धिमान होवत जात हवय, कुछ बरस पहली आईआईटी भिलाई के स्थापना होइस हवय गर्व के बात हरय अउ हमर राज में रायपुर म भारत के प्रसिद्ध मेडिकल एम्स हवय। साहित्य जगत ल छत्तीसगढ़ी के कोनो नई भूला सकय, लोग यहाँ जिजीविषा ले लगातार सँघर्ष करत हवय अउ अपन मेहनत के बल म जागरूक होवत जात हवय। सिक्छा, रोजगार, नौकरी रोचकता अउ सहजता से मिलत हवय, सरकार ने तो गरीबी रेखा के नीचे रहने वालो को चावल भी देवत हवय जेखर ले सब्सिडी मिलत हवय। छत्तीसगढ़ के स्वरूप ल देख अउ नवा राज बनाये के सपना चंदूलाल चंद्राकर जी के आवय अउ ओखर सपना साकार होगे लेकिन जेन सोच के सपना देखे रहिस हवय वो सायद अभी तक अधूरा हवय। छतीसगढ़िया सबले बढ़िया आज सिर्फ अउ सिर्फ नारा बनके हवय, कोनो आथे अउ अपना पसरा जमा के बैठत हवय, फेर हमन पहुना के स्वागत घर आथे त करथन वइसने आज कोनो आथे तेखर करत हवन। विकास देखबे त राजधानी ल छोड़ कोनो कोति नई हवय सड़क उखड़े हवय,नाली जाम हवय, अउ स्वच्छता अभियान चलात हवय फेर दुरुग भिलाई के रेलवे पटरी के किनारे म रोज कचरा बगरे रहिथे, धीरे धीरे विकास होवत जात हवय, नवा राज बने के बाद एक ठन सक्कर फेक्ट्री रहिस हवय आज 3ठन होगे हवय, अउ 7-8 ठन सीमेंट फैक्टरी हवय, एशिया के सबले बड़का जन प्लांट भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ म हवय। लोक कला के माध्यम ले तीजन बाई ह हमर छत्तीसगढ़ी भाखा के प्रदर्शन विदेश में करे हवय अउ पंडवानी ल सबो जगह म बगराये हवय। हमर राज म संसाधन के कमी नई हवय देवभोग म हीरा के खान हवय अउ दल्लीराजहरा म लोह अयस्क के संसाधन उपलब्ध हवय छत्तीसगढ़ ल "धान के कटोरा" कहिथे इहाँ किस्म किस्म के धान पाये जाथे अउ हमर राज के खानपान म सबले जादा भात पाये जाथे।  हमर संस्कृति, रहन सहन, वेशभूषा , लोककला, लोकनृत्य सभी अलग है और खास बस्तर की विशेषता ही अलग हवय अपन बस्तर कला बर प्रसिद्ध हवय अउ लोक संस्कृति के धरोहर आवय प्रकृति ले सीखे हवय अउ आज उन्नीत के ओर अग्रसर हवय यह कहना अनुचित नई हवय की हमर राज के कोनो क्षेत्र म प्रगर्ति नई होवत हवय, आज सबो जगह कुछ न कुछ काम होवत जात हवय पढ़ाई के क्षेत्र म ,रोजागर के क्षेत्र म, नौकरी के क्षेत्र, सभी दिशा म विकास होवत हवय।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र'
दुर्ग साइंस कॉलेज दुर्ग में अध्ययनरत
रामनगर, कवर्धा,छत्तीसगढ़
मो.-8085686829

सोमवार, 18 सितंबर 2017

नवरात के दिन आगे

नवरात के दिन आगे

दुरगा माता के पूजा दिन आगे,
जोत जवार के दिन आगे।

राम मंडली करथे संगी मन,
दुरगा माता के पूजा करहि।

झगमग झगमग जोत जले
महमाया, देवालय म जोत जले।

भजन कीरतन दिन रात होथे,
नवरात  के मान ल बढ़ाथे ।

देवी दाई के पूजा करथे,
मनखे मन गोहार लगथे।

नव दिन के उपास रहिथे,
अपन श्रद्धा के बखान करथे।

जसगीत महिमा के बखान होथे,
पूजा पाठ बिधि विधान से होथे।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र'
रामनगर, कवर्धा, छत्तीसगढ़




शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

कोनो ठिकाना नई दिखत हवय

कोनो ठिकाना नई दिखत हवय

बोनस देवत हवय धन वोट बर करत हवय
रमन ह सत्ता म बइठे रहिना हवय कहत हवय
राजनीति चोरों कोति गरमाये हवय
येति तेती चारो कोति कोनो न कोनो
दिखत हवय।

का होही हमर राज के येला तो कोनो बताही
पानी के रद्दा देखत किसान मनके
आँखी म पानी आवत हवय
कहु अकाल झन आवय
कोनो ठिकाना नही दिखत हवय।

घेरी बेरी पानी गिरत हवय
गरमी के दिन म का होही
अभी डपकत हवय वो बेरा म का होही
भुइयां के जलस्तर ह गिरत हवय
कोनो ठिकाना नजर नई आत हे।

सरकार तो असवांसन दे दिच
फेर का होही जब खेती नई होही
दु चार ठन बांध बनवाये रहितच
जगह जगह म त काम आतिच
एके बेरा म अकाल दिखत हवय।

घुगुवा कस बेठे रहिहि त का होही?
हमर राज ल धान के कटोरा कहिथे
फेर आज अकाल आवत दिखत हवय
पानी गिरत नई हे किसान मन दुख हवय
कोनो कोति रद्दा नई दिखत हवय
कोनो ठिकाना नई दिखत हवय।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष, बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्र
रामनगर,कवर्धा, छत्तीसगढ़

रविवार, 23 जुलाई 2017

इतिहास रच दिन आज जंतर मंतर म

इतिहास रच दिन आज जंतर मंतर म..

पहली बार गुंजीस हमर भाखा
जंतर मंतर दिल्ली म
राजभाषा के अध्यक्ष
अउ छत्तीशगढ़िया क्रांति के सेना मन
हमर महतारी भाखा बर
एक दिन के सत्याग्रह करत हवय
आज एकठन इतिहास रच दिन
बेरा आगे हवय संगी
हमर संस्कृति ल बचालव
8वी अनुसूची म शामिल करेबर
जुरे हवय आज दिल्ली म
संगवारी हो
आगु आव अउ
छत्तीसगढ़ी भाखा के समर्थन करओ
आगे हवय बेरा अब तो जागओ
अब तो दिल्ली म तको गूंज गय
फेर तुमन काबर पिछु हव
आगे आवव संगी
हमर भाखा हमर गोठ
सब झन संग गोठियाबो
अउ सब ल पीछे छोड़
हमर भाखा के मान ल बढ़ाबो
सबो काम होही छत्तीसगढ़ी म
आगे हवय बेरा
हमन अपने भाखा म बोलबो
पढ़बो लिखबो
तभे हमर महतारी के मान रही
अउ हमर संस्कृति जिंदा रही
हमर पुरख ल याद कर
हमर राज म घरो घर
छत्तीसगढ़ी ल बगरबो।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर, कवर्धा, छत्तीसगढ़

सोमवार, 12 जून 2017

अब्बड़ गरमी हवय संगी

अब्बड़ गरमी हवय संगी।

तपत हवय घाम ह दिन के दिन,
भमकत घर जुड़ावत नई हवय।
अभी दिन बादर दिखत नई हवय,
संगी अब्बड़ गरमी जनावत हवय।

रद्दा म मंझनियाकुन कोनो नई रहय,
भोमभरा जनावत हवय।
पियाज ल धरे - धरे घुमत हवन
लू के डर ले कहु जावत नई हवन।

आमा के अमचुर खावत हवन,
गुराम अउ पना आमा के बनथे।
संगी अब्बड़ गरमी जनावत हवय,
चरचरले घाम दिखत हवय।

पानी म डूबे रह तइसने लगथे,
दिनभर एसी कूलर म धंधाये हवय।

देखत देखत नवतपा लगे,
अब तो अब्बड़ गरम होही।
जेठ आवय संगी घाम हवय,
ये घाम ह सुहावत नई हे।

पेड़ ल मत काटाव ओला बचावा,
नई त एकदिन सब माटी म मिल जहि।
'अमित' अभी तो अउ गरम होही,
मनखे मन पृथ्वी छितिर बितिर करत हवय।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829

शुक्रवार, 5 मई 2017

ममा गांव जाबो

ममा गांव जाबो..

आगे हवय गर्मी के पाख
चलो संगी चलो ममा गांव जाबो...
ममादाई ह रद्दा देखत होही
होंगे हवय परीक्षा अब तो जाबो।

येति-कोति भाग जाबो बिहनिया कुन
मंझनिया कुन उतलईन करबो...
ममादाई ह चिलाही तोर मम्मी ल बताहू
फेर कुछु कहिके ओला हसवा देबो।

अब्बड़ मजा आथे संगी ममा गांव म
मंझनिया कुन आमा चुरायेल जाथन..
फेर रखवार ह देखथे त डंडा धरे दौड़थे
आमा के चटनी नून बासी खाथन।

छोटी रहने त सगा पुताली खेलन
घर म एकठन नानकुन कुंदरा बनावन।

आगे हवय बेरा ममा गांव जाबो
अब्बड़ उतलंग करबो
तरिया म नहाये बर जाबो
ममागांव के याद ल दोहराबो।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष रामनगर कवर्धा
मो.-8085686829

गुरुवार, 9 मार्च 2017

होरी आगे हवय....

ब्रज म खेले हवय होरी,
राधा अउ कृष्ण ह।

उड़े गुलाल चारों कोति,
माया के रंग बिखरे।
आनी बानी के रंग आगे,
एक-दूसर मनके चेहरा म लगाये।

आनी बानी ढंग ले खेलही मनखे मन
भज डरहिं मनखे मन फागुन के गोठ ल।

एकदिन होरी आजही
होरे जलाये बर जाहि गांव के मुखिया ह,
सुभमुहर्त म जलाये बर जाहि मनखे मन।

चारो कोति उड़ाही रंग,
आगे हवय होरी तिहार
फागुन के महीना जाढ़ बुझा गे।

आगे हवय होरी तिहार,
मिल जुल के रंग लगाये
सबके घर म बने गढ़ कलेवा
अपन अपन ले बधाई देवय।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17•11वर्ष 'विद्यार्थी'
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
मो.-8085686829
ईमेल- Amitchandravanshi74@gmail.com


मंगलवार, 31 जनवरी 2017

बिहाव के बेरा आवत हे

बिहाव के बेरा आवत हे।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"

छितिर-बितिर परे हे घर अऊ आँगना
आवत हवय शादी-बिहाव के बेरा
संगी आगे हवय गहूँ लुये के बेरा
'अमित' कहिथे संगी आगे बिहाव के बेरा....

बाप के सर म हवय दहेज के बोझ
अपन बेटी ल वो खाली नई भेजय
जेन ल नई देखे हवय तेन ल देथे
अपन बेटी के बिहाव सुघ्घर करथे।

पहुना घर म आहि रे संगी
देखत देखत म आगे बेरा
बिहाव म सुहारि रसगुला लाड़ू बनहि
पहुना मन जम के खाहि संगी।

चार दिन के बिहाव संगी मिलजुल के करथे
चुरमाटी देवतेला हरदाहि बारात बिदाई
बेटी ढोला बेठहि बाप के प्यारी बेटी
दूसर के घर म जाथे अपन बना लेथे संगी

सबके लाड़ली ससुराल म जाथे बेटी
अपन मान रखथे, अपन धरम निभथे
सास-ससुर के हर काम करत हवय बेटी
अपन जिनगी ल अपन परिवार बर दान करथे।

कबहु आँच नही आन देवय
हमेशा अपन घर ल सजाके सुघ्घर रखथे
चार दिन के बिहाव के बाद
बेटी ससुराल में खुश रहथे
अपन धरम ल निभथे।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष रामनगर कवर्धा

मंगलवार, 10 जनवरी 2017

छत्तीसगढ़ महतारी

मैं लइका अउ तेहा महतारी....

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"

जबले छत्तीसगढ़ बने हे
तबले अऊ सुघ्घर दिखथे
धान के कटोरा ले सजे
देवभोग म हवय हीरा खान
मोर छत्तीसगढ़ महतारी।

गढ़ कलेवा के खानपान
मोर छत्तीसगढ़ के बासी-भात
सुहारि,पोपची,खुरमी-ठेठरी
अऊ पितर के चिला-बरा
मैं लइका आवा छत्तीसगढ़ के।

छत्तीसगढ़ के माटी अनमोल
बस्तर के जंगल घनघोर
महानदी के पानी निरमल
राजिम के कुंभमेला सुघ्घर
सिरपुर म लक्ष्मण मन्दिर।

मेला-मड़ई होथे गांव-गांव म
राउत नाचा,सुआ नृत्य बने
छेरछेरा कोठी के धान हेरहेरा
गेड़ी म नाचा होथे गढ़वा बाजा
बर-बिहाव म परी नाचे ल आथे।

डोंगरगढ़ के बम्बलाई
रतनपुर के महामाई
तुरतुरिया,जैथमई,घटारानी
राजिम,शिवरीनारायण
मोर छत्तीसगढ़ महतारी
मैं लइका अउ छत्तीसगढ़ के।

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
समय-23:00 10/01/17
मो.-8085686829