गुरुवार, 20 दिसंबर 2018

नवा बिहान...

नवा बिहान

अगोरा म वो दिन के
बइठे हव अउ सोचत हव
नवा सपना संजोय
विकास बर खोजत हव
नवा दिन के आस म
अपन संस्कृति अउ धरोहर ल
बंचा के रखना अउ
अपन आस ल जगाये रखना
समृद्धि बर कोसिस करना
शांति भाईचारा ल बनाये बर
अपन निस्वार्थ करम करना
अउ अपन राज के मान बर
भाखा अउ संस्कृति बर
अभिमान अउ लोककला बर
खड़े होना अउ करम करना
पुरखा के सुरता ल संजोना
अपन अस्मिता ल जिंदा रखना
सपना अउ अस्मिता सबो के होथे
जेन बर करम करथे
नवा विचार ल ध्यान म रख
विकास बर काम करथे
सब मनखे के अस्मिता होथे
अपन राज अपन भाखा
सबके स्वभिमान होथे
जेन ल ध्यान म रखे जाय
ओ करम बर जोर देना
अपन विचार ल जिंदा रखने

-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
बीएससी सेकंड ईयर,
दुर्ग साइंस कॉलेज
मो.-8085686829