ममा गांव जाबो..
आगे हवय गर्मी के पाख
चलो संगी चलो ममा गांव जाबो...
ममादाई ह रद्दा देखत होही
होंगे हवय परीक्षा अब तो जाबो।
येति-कोति भाग जाबो बिहनिया कुन
मंझनिया कुन उतलईन करबो...
ममादाई ह चिलाही तोर मम्मी ल बताहू
फेर कुछु कहिके ओला हसवा देबो।
अब्बड़ मजा आथे संगी ममा गांव म
मंझनिया कुन आमा चुरायेल जाथन..
फेर रखवार ह देखथे त डंडा धरे दौड़थे
आमा के चटनी नून बासी खाथन।
छोटी रहने त सगा पुताली खेलन
घर म एकठन नानकुन कुंदरा बनावन।
आगे हवय बेरा ममा गांव जाबो
अब्बड़ उतलंग करबो
तरिया म नहाये बर जाबो
ममागांव के याद ल दोहराबो।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष रामनगर कवर्धा
मो.-8085686829
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