जाड़ आगे
आगु के बात अलग रहिस हवय,
अभी के बेरा अलग हवय,
मिशनरी दुनिया म हवन
अब कुछु चिन्ता नई रहय
जाड़ आगे हवय....
गोरिस दिन रात जलत रहय
रतिया कुन खटिया के तीरे जलय
रजिया म घुसे रहय
आज घर म हीटर हवय
अउ पहली जईसन जाड़ नई होवय....
आगु ठन्डा म पैरा मिजावय
लईका मन बेलन में चढय
थपा खेलय त लुका जवय पैरा म
गिल्ली ठंडा खेलय कोठार म
आगु घाम तपत मनखे मन बैठे रहय
आज के दिन म बैठे तो दूर बात नई करय
पहली जड़ा जवय त आगी तिरन बईठ जय
अब तो साल-सेटर के जमाना गय
सब आनी बानी के जैकेट पहिनथे...
घनवारा देखे ल नई मिलय
बड़े बड़े फैक्टरी होंगे हवय
दुसरईया फसल के अगोरा म किसान
गहु, सरसो, चना ल बने सहेजत हवय
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीसगढ़
दुर्ग साइंस कॉलेज में अध्ययनरत
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