हमर राज के व्यंजन
अमारी चेंच बोहार भाजी के स्वाद
कोढ़हा तुमा जिंमी कांदा
मिरचा के तड़का ह
जब चेंच भाजी म पड़थे संगी
महमहा जाथे अउ मीठाथे।
अधवरी अउ रखिया बरी बनाथे
बिजौरी चाउर के पापड़ सब मिठाये,
पताल, सेमी, अउ जिंमी कांदा के खोइला
सब ल गुत्तुर लगथे हमर व्यंजन
पान , अंगाकर अउ चुनी रोटी,
डबका, फरा, चीला अउ सोहारी
रात के बचे भात के बासी
चिरपोटी पताल के चटनी मिल जावय
फेर खाये के मजा आ जथे।
फेनी, बिड़िया,पीड़िया,अइरसा
डेहरवरी,पोपची अउ ठेठरी खुरमी
सबके घर बनथे, अउ मिल बाटके खाये
आहि तो हमर निसानी हरय
मिल जुलके रहिथन खाथन।
जोनधरी घरो घर के बखरी म,
बोईर के मुठिया सब ल भाथे।
धान किस्म किस्म के पाये जाथे
तभे हमर राज ल धान के कटोरा कहे जाथे
अउ हमर सबो खानपान म
चाउर प्रमुखता ले पाये जाथे
सबो पकवान ह चाउर से बनथे।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-18वर्ष 'बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र'
रामनगर,कवर्धा,छत्तीसगढ़
वर्तमान दुर्ग साइंस कॉलेज में अध्ययनरत
मो.8085686829
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