मैं लइका अउ तेहा महतारी....
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
जबले छत्तीसगढ़ बने हे
तबले अऊ सुघ्घर दिखथे
धान के कटोरा ले सजे
देवभोग म हवय हीरा खान
मोर छत्तीसगढ़ महतारी।
गढ़ कलेवा के खानपान
मोर छत्तीसगढ़ के बासी-भात
सुहारि,पोपची,खुरमी-ठेठरी
अऊ पितर के चिला-बरा
मैं लइका आवा छत्तीसगढ़ के।
छत्तीसगढ़ के माटी अनमोल
बस्तर के जंगल घनघोर
महानदी के पानी निरमल
राजिम के कुंभमेला सुघ्घर
सिरपुर म लक्ष्मण मन्दिर।
मेला-मड़ई होथे गांव-गांव म
राउत नाचा,सुआ नृत्य बने
छेरछेरा कोठी के धान हेरहेरा
गेड़ी म नाचा होथे गढ़वा बाजा
बर-बिहाव म परी नाचे ल आथे।
डोंगरगढ़ के बम्बलाई
रतनपुर के महामाई
तुरतुरिया,जैथमई,घटारानी
राजिम,शिवरीनारायण
मोर छत्तीसगढ़ महतारी
मैं लइका अउ छत्तीसगढ़ के।
-अमित चन्द्रवंशी "सुपा"
उम्र-17वर्ष विद्यार्थी
रामनगर कवर्धा छत्तीसगढ़
समय-23:00 10/01/17
मो.-8085686829
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